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Monday, 2 March 2020

Shivkar Bapuji Talpade Biography in Hindi | The First Man Who Invented Plane Before Wright Brothers

Shivkar Bapuji Talpade Biography in Hindi | The First Man Who Invented Plane Before Wright Brothers 



Shivkar Bapuji Talpade Biography in Hindi 

     शिवकर बापुजी तलपडे नाम सुना है ? नही सुना होंगा और सुनोंगे भी कैसे ? क्युकी हमको कभी इनके बारे में बताया ही नही गया | अब आप सोच रहे होंगे की आखिर कौन है शिवकर बापुजी तलपडे ? पर उससे पहले ये बताओ की सबसे पहले हवाई जहाज यानी प्लेन का आविष्कार किसने किया था? राइट ब्रदर्स ने ना, जी नही सबसे पहले हवाई जहाज का आविष्कार एक भारतीय ने किया था जिनका नाम है शिवकर बापुजी तलपडे | नान याद रखलो काम आयेगा |


Shivkar Bapuji Talpade Biography in Hindi | The First Man Who Invented Plane Before Wright Brothers
Shivkar Bapuji Talpade 

     यूँ तो आपने अक्सर सुना है और किताबों में पढ़ा है कि पहला हवाई जहाज राइट ब्रदर्स ने बनाया था और उसके बाद से ही मनुष्य बडे आराम से हवा में उडने का आनंद ले पाया है |

     पूरी दुनिया के लिए राइट ब्रदर्स ही हवाईजहाज के असली खोजकर्ता थे, मगर इतिहास के पन्नों में एक कहानी और भी है और वो कहानी है शिवकर बापूजी तलपड़े की, जिन्हें हवाई जहाज का असली जनक माना जाता है | 

     आखिर क्या है शिवकर बापूजी की असली कहानी, चलिए जानते हैं –


Shivkar Bapuji Talpade - Early Life 
     
     1864 में मुम्बई में उनका जन्म हुआ | शिवकर बापुजी तलपडे शुरुआत से पढाई लिखाई में तेज थे | संस्कृत और पौराणिक वेद उनके सबसे प्रिय ग्रंथ माने जाते थे | यू तो वो आम जिंदगी जिते थे, मगर उनकी सोज आम नही थी | उनके अंदर हमेशा से ही कुछ अलग और बडा करना चाह थी | उन्होंने हमेशा ही पौराणिक गाथाओं में विमान का ज़िक्र सुना था | कैसे भगवान के पास एक ऐसा वाहन हुआ करता था जो व्यक्ति को आकाश में उड़ाता था |  यूँ तो बहुत से भारतियों ने इसके बारे में सिर्फ पढ़ा था मगर शिवकर बापूजी ने ही उस समय इस पर अलग ढंग से गौर किया |

     शिवकर बापूजी तलपड़े ने हजारों साल पहले भारद्वाज ऋषि द्वारा लिखी गई किताब "वैमानिका शास्त्र" को पढ़ा और उनकी सोच बदल गई | भारत में हजारों साल पहले विमानों का इतिहास मिलता है | प्राचीन भारतीय ऋषि मुनियों द्वारा रचित श्लोकों में विमान संबंधी विधियों का उल्लेख है | वहीं रामायण और महाभारत के साथ कई अन्य वैदिक ग्रंथों में भी विमानों के बारे में स्पष्ट उल्लेख किया गया है |



Shivkar Bapuji Talpade Biography in Hindi | The First Man Who Invented Plane Before Wright Brothers
Shivkar Bapuji Talpade 

      वह एक पूर्ण विमान बनाना चाहते थे ताकि इंसान भी पक्षियों के तरह उड़ सके | अपनी इस सोच के साथ शिवकर बापूजी लग गए विमान की खोज में | 

Shivkar Bapuji Talpade - Journey To Invented Plane 

     वो पूरा दिल लगा के हवाई जहाज बनाने में लग गए | उन्होंने हर किताब को पढ़ लिया | हर मुमकिन कोशिश कर ली विमान की कल्पना को हकीकत बनाने के लिए |
    विमान बनाने में सबसे पहली चुनौती जो उनके सामने थी वह यह थी कि विमान निर्माण में जरूरी सामान को कैसे लायें | 

     यह परेशानी उन्हें दो कारणों से थी | पहला कारण था कि उनके पास पैसों की कमी थी | सामान बहुत सारा लाना था | कई उपकरण और बहुत सी चीजें इसके लिए जरूरी थी | दुसरा कारण था कि अंग्रेजों की नज़रों से बचा कर इस काम को अंजाम देना था | 

     अगर किसी भी अंग्रेज को इस बात की भनक भी लग जाती तो वह शिवकर बापूजी के इस सपने को हमेशा के लिए ख़त्म कर देते | इन सब के बावजूद वह धीरे-धीरे विमान बनाने की कोशिश करते रहे |

     उन्होंने बांस का भी इस्तेमाल किया | ईंधन के तौर पर इसमें तरल पारा इस्तेमाल किया गया | कहते हैं कि वह वजन में हल्का था, इसलिए विमान को उड़ने में परेशानी नहीं होती |

     अपना पैसा और मेहनत लगाने के बाद आखिरकार उन्होंने विमान को उसका रूप दे ही दिया | वह बहुत अच्छा तो नहीं दिखाई देता था मगर उससे उड़ने की उम्मीद की जा रही थी |

Shivkar Bapuji Talpade - Fly World's First Plane 

     शिवकर बापूजी अपना विमान बना दिया था और अब बस उसे उड़ा के देखना बाकी रह गया था | उन्होंने उस विमान का नाम ‘मरुत्सखा’ रखा था | इस नाम का मतलब था ‘हवा का दोस्त’.

      साल 1895 की उस सुबह शिवकर बापूजी अपना विमान लेकर मुंबई के चौपाटी पर गए | उनके इस आविष्कार को देखने के लिए कोई पत्रकार वहां मौजूद नहीं था | वहां थे तो बस बापूजी के कुछ अपने जिन्हें उन पर पूरा भरोसा था |

     उन्होंने अपना विमान शुरू किया और देखते ही देखते वह जमीन से ऊपर उठने लगा | सबकी आँखें यह देख कर हैरान हो गई थी | कहते हैं कि करीब 1500 फीट की ऊंचाई बापूजी के विमान ने पा ली थी और उसके बाद वह नीचे आ गिरा | यह कोशिश कामयाब तो थी मगर पूरी तरह से नहीं | शिवकर बापूजी जान गए थे कि वह विमान बना सकते हैं | बस उन्हें जरूरत थी एक और मौके की | 


Shivkar Bapuji Talpade - If Need Some Help 

     उनके आगे अब सिर्फ एक ही परेशानी थी और वह थी पैसा | उनके पास दोबारा काम शुरु करने के लिए बिलकुल भी पैसा नहीं था | उन्होंने कई व्यापारियों से मदद मांगी मगर सब ने ही उन्हें मना कर दिया | कहते हैं कि उन्होंने उस समय के बड़ौदा के राजा से भी पैसों मांगे मगर उन्होंने भी अपने हाथ खड़े कर लिए | इतना ही नहीं माना जाता है कि अंग्रेजों को भी उनकी खोज के बारे में भनक लग गयी थी | इसलिए उन्होंने बापूजी के द्वारा विमान के बारे में लिखी सारी खोजों को बैन कर दिया और उसे कभी आगे नहीं बढ़ने दिया |

     इस तरह उनकी खोज वक़्त की धुल में ही दबी रह गई | 

    1903 में अमेरिका के राईट भाइयों ने दुनिया का पहला प्लेन बनाने का श्रेय पाया |

     उनकी इस उपलब्धि को देखने के लिए बहुत से लोग जमा थे | उन्होंने यह काम करके इतिहास में अपना नाम दर्ज करवा लिया था | इसके बाद से तो निरंतर ही हवाई जहाज बनते जा रहे है | आज तो यह यात्रा करने का एक बहुत बड़ा जरिया भी बन चुका है |

    शायद अगर हालत कुछ ठीक होते तो शिवकर बापूजी तलपड़े का नाम इसमें हो सकता था | 

     शिवकर बापूजी तलपड़े के हवाई जहाज बनाने के ऊपर बॉलीवुड में ‘हवाईजादा’ नाम की एक फिल्म भी बन चुकी है | इसके जरिए लोगों को वक़्त की धुल में खोए उस व्यक्ति के बारे में बताने की कोशिश की गई थी जिसने पहला प्लेन बनाया था | हालांकि वक़्त के साथ कुछ लोगों को यह भी मानना है कि शिवकर बापूजी की यह कहानी एक कल्पना है |

    अब इस बात का सीधे तौर पर तो कोई भी प्रमाण नहीं दे सकता है कि आखिर यह कितना सच है और कितना नहीं, पर वो कहते हैं ना बिना आग के धुंआ नहीं उठता | 

     और तब जब अंग्रेजों का राज था, उस समय से अगर यह बात आज तक चली आ रही है तो उसमें सच होने का दम भरा जा सकता है | और शायद पहले से ही हम भारतीय सबसे आगे रहे है और अब आगे की जिम्मेदारी मैं आप पर छोडता हूं, आपको ये post  जितना चाहे उतना share करना ताकि सबको ये बात पता चले | और आपको इसके बारे में क्या लगता है?  Comment में जरूर बताना, तो मिलते है next post में तब तक के लिए जय हिंद वंदे मातरम् |


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